Friday, December 31, 2010

पुराने साल की कुछ यादें

बस कुछ पल और कुछ क्षण ही शेष रह गया है।पुराना साल बितने वाला है,और नये साल के आगमन की तैयारियाँ हो रही है।सभी नये साल में इक नया संकल्प लेते है,इक नये जीवन की शुरुआत का प्रण।बहुत अनोखा और अजीब होता है न बस इक पल में कोई गुजरा जमाना बन जाता है और नवांगतुक पे सब की आँखे ठहर जाती है।पुराने दिन गुजरे जमाने बन जाते है,और नई साल नया आगाज लेके आता है।
मेरे पास बस अब थोड़ा समय बाकी है।मैने सोचा क्यों ना आज पुराने साल की कुछ यादों को दुहरा लिया जाए।इस साल मैने क्या किया,क्या पाया,क्या खोया।किन लोगों से मिला,जिन्हे कभी ना भूल सकता हूँ।कौन सा ऐसा क्षण था,जो सदियों तक यादगार रहेगा।कितने नये रिश्ते बने,कितने पुराने रिश्ते टुट गए।


इक नया सीजन मेरे जीवन में इसे लव सीजन की उपाधि मिली।कोई मिला और बस गया दिल में।कौन थी वो ये मै नहीं बतलाऊँगा,क्योंकि यादों का कोई नाम या शक्ल तो होता नहीं।वो तो बस एक हवा के झोंको सा होता है।आता है और उड़ा ले जाता है,हमारी संवेदनाओं को,हमारी भावनाओं को।और बाद में बेचारे इन आँखों को दो आँसू दे जाता है।
कभी कभी ऊब जाता हूँ मै हर बार घर से कालेज जाना,फिर से वही पढ़ाई करना।ये कैसा जीवन है मेरा?पर क्या करु मजबूर हूँ।जिंदगी के इन्ही कालचक्रों में तो घुमता रहता है इंसान।क्या करे?जानते है कुछ भी नहीं है जो अपना है।एक क्षण भी ऐसा नहीं है जो ठहर सकता है।पर इंसान वही है जो इस बहाव में भी खुद को संतुलित रख बहता जाता है।
यादे आती है बहाती है,उड़ा ले जाती है।समय हर जख्म को भरता जाता है।बीते हर पल को भूलता जाता है इंसान और नये सपने हर रात संजो लेता है।कल्पना की उड़ान में उड़ती हमारी भावनाएँ सहमती,थपेड़ों को सहती हर पल बस गाये जाती है,जिंदगी का वो गीत जो खामोश है।शब्द के बिना भला यादों की बारात से सजी जिंदगी बड़ी ही खुबसूरत होती है।ये मुझे तब एहसास होता है जब कभी मै पुरानी यादों में खो जाता हूँ और कल में जी लेता हूँ कुछ पल..............।

9 comments:

Parmanand Soni said...

Yes....this is actual picture of memory for us.....amazing thought

मनोज कुमार said...

सर्वस्तरतु दुर्गाणि सर्वो भद्राणि पश्यतु।
सर्वः कामानवाप्नोतु सर्वः सर्वत्र नन्दतु॥
सब लोग कठिनाइयों को पार करें। सब लोग कल्याण को देखें। सब लोग अपनी इच्छित वस्तुओं को प्राप्त करें। सब लोग सर्वत्र आनन्दित हों
सर्वSपि सुखिनः संतु सर्वे संतु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद्‌ दुःखभाग्भवेत्‌॥
सभी सुखी हों। सब नीरोग हों। सब मंगलों का दर्शन करें। कोई भी दुखी न हो।
बहुत अच्छी प्रस्तुति। नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं!

सदाचार - मंगलकामना!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said...

नवरंगों से ओत-प्रोत सुन्दर पोस्ट!
नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Asha said...

नव वर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं |अच्छी पोस्ट बधाई
आशा

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आपको और आपके परिवार को मेरी और मेरे परिवार की और से एक सुन्दर, सुखमय और समृद्ध नए साल की हार्दिक शुभकामना ! भगवान् से प्रार्थना है कि नया साल आप सबके लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और शान्ति से परिपूर्ण हो !!

डॉ वेदप्रकाश दुबे said...

बेहतरीन पोस्ट के लिए अनंत बधाइयाँ, आपको और आपके परिवार के साथ सभी आत्मीयजनों को नववर्ष की मंगलकामना, इस आशा से की हिन्दू नववर्ष भी इसी उमंग के साथ संचरित हो....

डॉ वेदप्रकाश दुबे said...

बेहतरीन पोस्ट के लिए बधाई। आपको और आपके परिजनों के साथ सभी आत्मीयजनों को नववर्ष को मंगल कामना, इस विश्वास के साथ हिन्दी नववर्ष भी इसी तरह उमंग के साथ संचरित हो.....

Dr Varsha Singh said...

बेहतरीन पोस्ट। बधाई।
आपको नव वर्ष 2011 की अनेक शुभकामनाएं !

shanno said...

सत्यम, मेरा ब्लाग ज्वाइन करने का और मुझे नववर्ष की शुभकामनायें देने का बहुत शुक्रिया. आपको भी नववर्ष 2011 के उपलक्ष्य में ढेरों शुभकामनायें. आप बहुत अच्छा लिखते हो और ब्लाग भी बहुत सुंदर है. आगे भी ऐसे ही लिखते रहिये.